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*ग्राम पंचायत से प्रस्ताव पारित होने पर जाति प्रमाण पत्र और वन अधिकार पट्टे के प्रकरणों का हो तत्काल निराकरण: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल*

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कोरबा जिले की कटघोरा विधानसभा के ग्राम नोनबिर्रा में भेंट-मुलाकात के दौरान अधिकारियों से कहा कि ग्रामसभ...



रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कोरबा जिले की कटघोरा विधानसभा के ग्राम नोनबिर्रा में भेंट-मुलाकात के दौरान अधिकारियों से कहा कि ग्रामसभा से प्रस्ताव पारित होने के बाद ग्रामीणों के जाति प्रमाण पत्र और वन अधिकार पट्टे के प्रकरण लंबित नहीं रहना चाहिए। राज्य शासन की योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों को मिले, लोगों की आय बढ़े। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। भेंट-मुलाकात में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से राज्य शासन की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से उन्हें मिल रहे लाभ के बारे में जानकारी ली। इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, लोकसभा सांसद ज्योत्सना महंत, विधायक मोहित राम केरकेट्टा और पुरूषोत्तम कंवर, पूर्व विधायक बोधराम कंवर भी उपस्थित थे।


बता दें, भेंट-मुलाकात में तिवरता (हरदी बाजार) के किसान रमेश कुमार जांगड़े ने वन अधिकार पट्टा अब तक नहीं मिलने की बात कही, उन्होंने बताया कि विशेष ग्राम सभा में तीन पीढ़ी से भूमि पर काबिज होने का साक्ष्य सिद्ध हो गया है, इसके बावजूद भी पट्टा नहीं मिला। उनकी बात सुनकर मुख्यमंत्री ने कल तक उन्हें वन अधिकार पट्टा देने के अधिकारियों को निर्देश दिए और पंचायत सचिव अनिल कुमार केंवट को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री द्वारा जाति प्रमाण पत्र के बारे में पूछे जाने पर उर्तला गांव की आरती चौहान ने बताया कि उसका सर्टिफिकेट नहीं मिल पा रहा, इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रकरण को देखकर जाति प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए।



ग्राम नोनबिर्रा के किसान देवीप्रसाद पटेल ने बताया कि उन्होंने 75 क्विंटल धान बेचा, जिसके एक लाख रुपए खाते में आए हैं। उन्होंने बताया सब्जी का धंधा भी करता हूं। शासन की योजनाओं का लाभ ले रहा हूं। मुख्यमंत्री के पूछे जाने पर देवीप्रसाद ने कहा कि पत्नी और बहू के लिए दो-दो तोला सोना लिया है। ग्राम छिंदपुर के किसान देवसिंह राठौर ने बताया कि उनका 50 हजार रुपए ऋण माफ़ हुआ है। मुख्यमंत्री ने पूछा कि ऋणमाफी से बचे हुए पैसों का क्या किया, इस पर देवसिंह ने बताया कि उनका उपयोग घर खर्चे में किया है। उन्होंने बताया कि उनके गांव में ज्यादा बिजली बिल आने की समस्या आ रही है। मुख्यमंत्री ने बिजली बिल अनियमितता की शिकायत के संबंध में संबंधित अधिकारी से कारण पूछा और जल्द से जल्द इस समस्या के निराकरण के निर्देश दिए।



भेंट-मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सभी परिवारों के राशन कार्ड बनवाए हैं, चाहे बीपीएल परिवार हो या एपीएल परिवार हो। राशन कार्ड बनने के संबंध में मुख्यमंत्री द्वारा पूछे जाने पर छीर पानी की रहने वाली सुनीता पटेल ने बताया कि खाद्यान्न योजना के अंतर्गत पर्याप्त राशन मिल रहा है। मुफ्त में नमक भी मिल रहा है। सुनीता ने गैस के दाम कम करने की बात कही, इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गैस के दाम केंद्र सरकार तय करती है। सुनीता ने मुख्यमंत्री से गांव के आंगनबाड़ी में मितानिन न होने की जानकारी देते हुए मितानिन पदस्थ करने का आग्रह किया। ग्राम दमिया की रहने वाली चंद्रवती जगता और उनकी मां ने बताया कि उन्हें 30 साल से पट्टा नहीं मिला। जिसे सुनकर मुख्यमंत्री ने प्रकरण की जांच करने एसडीएम को निर्देशित किया।


भेंट-मुलाकात में गोधन न्याय योजना के बारे में पूछे जाने पर निर्मला बाई कंवर ने बताया कि उन्होंने ढाई सौ क्विटंल गोबर बेचकर 50 हजार रूपये की आमदनी हुई है। यह सुनकर मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना की। सैलागांव की रहने वाली रेखा विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री को बताया कि 300 क्विंटल से ज्यादा खाद बनाया, इससे हुई आमदनी से सभी सदस्यों ने 26-26 हजार रुपए बांटा और उन्होंने सोने का झुमका लिया। सरोज करपे ने मुख्यमंत्री को बताया कि हाट बाजार क्लिनिक योजना के तहत हर सोमवार को गाड़ी आती है, फ्री में इलाज होता है। ग्राम भेलवाडोंगरी के श्री पोर्ते ने बताया कि उन्हें हाट बाजार क्लिनिक में बीपी की जानकारी मिली, जिसका इलाज करा रहे हैं। राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के संबंध में एक किसान ने बताया कि ग्राम पंचायत बांधाखार के 78 लोगों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। मानिकपुर के समूह की महिला ने गौठान की मांग की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गांव में गौठान देने के लिए कहा।



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