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*मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी ने कोंडागांव जिले में ली वनाधिकार एवं पेसा एक्ट क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक*

  रायपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी ने कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में जिले के अधिकारियों की बैठक के दौरान ज...

 


रायपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी ने कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में जिले के अधिकारियों की बैठक के दौरान जिले में अदिम जाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी अधिकार अधिनियम तथा छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध नियम के प्रावधानों की क्रियान्वयन समीक्षा करते हुए कहा कि जिले में स्थानीय समुदाय को वन संसाधन अधिकार प्रदान करने सहित वन संसाधनों का समुचित प्रबंधन, देखरेख एवं संवर्धन करने और समुचित दोहन में उनकी व्यापक सहभागिता सुनिश्चित किया जाये। इस दिशा में पॉयलट प्रोजेक्ट तैयार किया जाये, जिसमें वन संसाधन पत्र धारक ग्रामों का कलस्टर बनाकर स्थानीय समुदाय को वन संसाधनों के प्रबंधन, संरक्षण एवं संवर्धन सहित समुचित दोहन के लिए जागरूक करें। इस हेतु संबधित ग्रामों में ग्रामीणों, महिलाओं एवं युवाओं को शामिल कर समूह गठित किया जाये और उन्हे आवश्यक प्रशिक्षण देने सहित वनोपज संग्रहण एवं प्रसंस्क्रण गतिविधियों से जोड़कर आय संवृद्धि करने समझाईश दी जाये। इस ओर उन्हे वन विभाग, वनोपज सहकारी समितियों ईत्यादि के माध्यम से आवश्यक प्रशिक्षण एवं सहायता सुलभ कराया जाये। संसदीय सलाहकार श्री तिवारी ने छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध नियम के तहत ग्राम सभा के गठन, ग्राम सभा कोष तथा संसाधन, योजना एवं प्रबंधन समिति के गठन संबधी जानकारी ली और वन संसाधनों के प्रबंधन, संरक्षण एवं संवर्धन में ग्राम सभा की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित किये जाने कहा। इस दिशा में संबन्धित ग्राम स्तरीय समितियों की कार्यशाला आहूत कर उन्हे समुचित प्रशिक्षण प्रदान करने कहा। उन्होने बैठक के दौरान जिले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान की गयी घोषणाओं के क्रियान्वयन सहित सड़क, पुल-पुलिया निर्माण तथा आश्रम-छात्रावासों के संचालन स्थिति की समीक्षा की। 


बैठक में कलेक्टर दीपक सोनी ने बताया कि जिले में आदिम जाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासी अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन कर अब तक 53 हजार 422 व्यक्तिगत वनधिकार मान्यता पत्र तथा 3409 सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदाय किये गये हैं। वहीं स्थानीय समाज प्रमुख को सहभागिता से देव सीमा के आधार पर वन संसाधन अधिकार समुदाय को प्रदाय किये जा रहे हैं। इसके साथ ही देवगुड़ी, मातागुड़ी ईत्यादी सांस्कृतिक धरोंहरों का अधिकार संबधित ग्राम पंचायतों को प्रदान करने से इन देव स्थलों के परिसर में वनों की देखरेख एवं प्रबधन में समुदाय की सहभागिता बढ़ी है। इन देव स्थलों को राजस्व अभिलेख में दर्ज कर लिया गया है। जिले में छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध नियम के तहत सभी 572 ग्रामों में ग्रामसभा का गठन करने सहित संसाधन, योजना एवं प्रबधन समिति गठित किये जा चुके हैं। कलेक्टर श्री सोनी ने वन संसाधनों के प्रबंधन, संवर्धन सहित वनों के जरिये आजीविका संवर्धन की दिशा में समुदाय को जागरूक कर उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने आश्वस्त किया। उन्होने जिले के कोकोड़ी में निर्माणाधीन मक्का प्रसंस्करण प्लांट की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य शासन के इस महत्वाकांक्षी मक्का प्रसंस्करण प्लांट के कार्यो को तेजी के साथ संचालित कर जून 2023 तक पूर्ण करने लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कलेक्टर श्री सोनी जिले में सड़क, पुल-पुलिया निर्माण प्रगति के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। बैठक में सीईओ जिला पंचायत प्रेम प्रकाश शर्मा, डीएफओ कोण्डागांव आरके जांगड़े सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

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