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पाकिस्तान ने कहा: हम चीन के ब्लॉक का हिस्सा नहीं

नई दिल्ली ।  अमेरिका और चीन के बीच बीते कुछ सालों से कोल्ड वॉर जैसी स्थिति है। दोनों ही देश अपना प्रभाव जमाने की कोशिश में हैं और आर्थिक से ...

नई दिल्ली ।  अमेरिका और चीन के बीच बीते कुछ सालों से कोल्ड वॉर जैसी स्थिति है। दोनों ही देश अपना प्रभाव जमाने की कोशिश में हैं और आर्थिक से लेकर कूटनीतिक स्तर पर संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। इस बीच चीन से बड़े पैमाने पर मदद लेने वाले और उसके जरिए ही चाइना पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट पाने वाले पाकिस्तान ने बड़ा बयान दिया है। पाकिस्तान का कहना है कि वह चीन के ब्लॉक में नहीं है। पाकिस्तान ने गुरुवार को कहा कि उसने 'चाइना ब्लॉक' जॉइन नहीं किया है। पाकिस्तान का यह बयान अहम माना जा रहा है क्योंकि बीते कुछ सालों में उसकी चीन पर निर्भरता बहुत ज्यादा बढ़ी है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जाहरा बलोच ने कहा, 'मैं ऐसी किसी भी चर्चा को खारिज करना चाहूंगी, जिसमें कहा जा रहा है कि पाकिस्तान ने किसी ब्लॉक को जॉइन कर लिया है। पाकिस्तान की यह नीति रही है कि हम ब्लॉक पॉलिटिक्स में यकीन नहीं करते।' उन्होंने कहा कि हमारे चीन के साथ सदाबहार रणनीतिक संबंध हैं। मुमताज बलोच ने कहा कि पाकिस्तान के दुनिया के तमाम देशों के साथ घनिष्ठ संबंध हैं। इन देशों में मिडिल ईस्ट, एशिया पैसिफिक के देश, यूरोप और अफ्रीका शामिल हैं। माना जा रहा है कि पाकिस्तान का यह स्टैंड अमेरिका को खुश रखने के लिए है। पाकिस्तान के जानकारों का कहना है कि आईएमएफ की ओर से पाकिस्तान को लोन जारी नहीं किया जा रहा है। आईएमएफ पर अमेरिका का अच्छा प्रभाव माना जाता है। कहा जा रहा है कि उसी के चलते आईएमएफ ने पाकिस्तान को लोन देने में आनाकानी की है। शायद इसीलिए पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका को लुभाने वाली बात कही है। बलोच ने कहा, 'अमेरिका तो पाकिस्तान के सबसे पुराने दोस्तों और साझीदारों में से एक है। हमारा अमेरिका के साथ उतना ही पुराना रिश्ता है, जितना हमारा बनना। पाकिस्तान और अमेरिका के संबंध कई स्तरों पर रहे हैं।' पाकिस्तान सरकार ने कहा कि हम किसी भी एक ब्लॉक में जाने के पक्ष में नहीं हैं। बता दें कि अमेरिका के करीब 60 सांसदों ने जो बाइडेन सरकार से अपील की है कि वह पाकिस्तान में फैली राजनीतिक अस्थिरता में दखल दे।  



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