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दूरस्थ वनांचल के 25 गांव 15 दिनों से अंधेरे में, रोशनी की आस में आंखें

  कोरबा। जिला यूं तो पूरे प्रदेश में ऊर्जानगरी के नाम से प्रसिद्ध है लेकिन इसी जिले का अधिकांश क्षेत्र बिजली आपूर्ती के हमेशा बाधित रहती है।...

 

कोरबा। जिला यूं तो पूरे प्रदेश में ऊर्जानगरी के नाम से प्रसिद्ध है लेकिन इसी जिले का अधिकांश क्षेत्र बिजली आपूर्ती के हमेशा बाधित रहती है। यहां के निवासी बिजली की समस्या से काफी परेशान हैं। इसी के अंतर्गत पोंडी-उपरोडा ब्लाक के ग्राम पंचायत लैंगा, पत्थरफोड़, कोडगार, सेमरा, सारी सोनार, बहरी झोरखी, रामपुर, लोकड़हा, सैला, ढेलुआ इनके आश्रित ग्राम मिलाकर लगभग 25 गाँव के ग्रामीण 15 दिनों से अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। यहां के युवा ग्रामीणों द्वारा पोंडी-उपरोडा के एसडीएम कार्यालय पहुंचकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा। यहां के युवाओं ने बताया कि बारिश की शुरुआत होते ही बिजली की समस्या ज्यादा बढ़ गई है। भीषण गर्मी में तो बिजली की समस्या तो व्याप्त रहती ही है लेकिन बारिश में बिजली जाने से वनांचल क्षेत्र होने से ग्रामीणों में और ज्यादा पैदा हो जाती है। वनांचल क्षेत्र होने से ग्रामीणों क्षेत्रों में जहरीला सांप, बिच्छू, के साथ हाथियों का डर भी ग्रामीणों में सदैव बना रहता है। बिजली के न रहने से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। बिजली नही होने की वजह से पीने के पानी की समस्या सबसे ज्यादा निर्मित होती है मजबूरी में लोगो को कुएं का पानी पीना पड़ता है। युवा कांग्रेस के विधानसभा उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह व अन्य युवाओं ने बताया की इस क्षेत्र की बिजली गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के सबस्टेशन से जुड़ी है। दूरस्थ क्षेत्र होने से समस्या आय दिन निर्मित रहती है। जबकि लैंगा में तीन वर्षों से सबस्टेशन प्रस्तावित है। बिजली विभाग इस पर कोई ध्यान नही दे रहा है। अधिकारियों को इस विषय मे कई बार इस विषय को लेकर ज्ञात कराया जा चुका है।

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