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विद्यार्थियों से पार्किंग शुल्क के नाम पर 150 रुपये वसूला जा रहा है

  बिलासपुर। शासकीय ई राघवेंद्र राव स्नातक विज्ञान महाविद्यालय (साइंस कालेज) के छात्रों ने पार्किंग शुल्क को लेकर प्राचार्य डा.ज्योति रानी सि...

 

बिलासपुर। शासकीय ई राघवेंद्र राव स्नातक विज्ञान महाविद्यालय (साइंस कालेज) के छात्रों ने पार्किंग शुल्क को लेकर प्राचार्य डा.ज्योति रानी सिंह का बुधवार को घेराव किया। ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि कैंपस में सुविधायुक्त पार्किंग व्यवस्था नहीं है, फिर भी 150 रुपये शुल्क लिया जा रहा है। छात्रावास अधीक्षक कलीम अल्लाह खान पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। आर्या पैनल के सदस्यों ने प्राचार्य को कई अन्य समस्याएं भी गिनाई। जिसमें गेट के पास पान दुकान को भी अनुचित ठहराया। छात्र प्रवीण राठिया, पुष्पेन्द्र, तेजस, अजीत, ओम प्रकाश, आयुश, ऋतु भारती, विधि अन्य छात्र-छात्राओं ने कहा कि महाविद्यालय के छात्रावास अधीक्षक की लापरवाही लगातार उजागर हो रही है पूर्व में भी विद्यार्थियों द्वारा उनके विरुद्ध शिकायत की गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। महाविद्यालय में काफी समस्याएं हैं जिससे छात्र-छात्राएं बेहद परेशान हैं। विद्यार्थियों से पार्किंग शुल्क के नाम पर 150 रुपये वसूला जा रहा है, जबकि कोई अच्छी सुविधा नहीं है। अधिकतर विद्यार्थियों को अपना वाहन महाविद्यालय के बाहर रखना पड़ता है। पूर्व में कई विद्यार्थियों के वाहन चोरी भी हो चुके हैं। सामने पान दुकान होने से छात्राओं को आने-जाने में दिक्कत होती है। सामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। छात्रावास अधीक्षक कलीम उल्लाह खान रात में छात्रावास में ना रहकर अपने निवास स्थान यदुनंदन नगर तिफरा में रहते हैं और रविवार के दिन अनुपस्थित। जिस वजह से छात्रावास में रात को नशेड़ियों का अड्डा बन जाता है। आर्या पैनल द्वारा कई बार इसकी शिकायत पहले भी की जा चुकी है। फिर भी समस्या का निराकरण नहीं हुआ है। तीन दिनों के भीतर इसका निवारण नहीं किया गया तो उम्र आंदोलन करेंगे। प्राचार्य डा.ज्योति रानी सिंह का कहना है कि कुछ पूर्व छात्र राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं। जिनका यहां पढ़ने वाले बच्चों से अभी कोई लेना-देना नहीं है। होली उत्सव मनाने कुछ दिनों पहले छात्र अनुमति मांगने आए थे। मैंने परीक्षा का हवाला देते हुए मना कर दिया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू है। हम भी खुद भी व्यस्त हैं। ऐसे में कैसे संभव होगा। बच्चों को खुद भी इस पर विचार करना चाहिए। अब वे दूसरे तरीके से विरोध जता रहे हैं।

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