अब मधु कुजूर खुद पूरा कर रहीं अपने छोटे-छोटे खर्च रायपुर । शासन की जनकल्याणकारी योजनाएँ जब सही जरूरतमंद तक पहुँचती हैं, तो वे केवल आर्थिक ...
अब मधु कुजूर खुद पूरा कर रहीं अपने छोटे-छोटे खर्च
रायपुर । शासन की जनकल्याणकारी योजनाएँ जब सही जरूरतमंद तक पहुँचती हैं, तो वे केवल आर्थिक सहायता ही नहीं देतीं, बल्कि जीवन में आत्मविश्वास और सम्मान भी लेकर आती हैं। राज्य शासन की महतारी वंदन योजना भी ऐसी ही एक पहल है, जो प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक संबल देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
बलरामपुर जिले के ग्राम खटवाबरदर की रहने वाली श्रीमती मधु कुजूर के जीवन में भी इस योजना ने एक सकारात्मक बदलाव लाया है। मधु कुजूर बताती हैं कि पहले घर के छोटे-छोटे खर्चों के लिए भी उन्हें परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर रहना पड़ता था। सीमित आय के कारण कई बार परिवार की छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो जाता था। ऐसे में मन में कई बार इच्छा होने के बाद भी वे अपनी जरूरतें टाल देती थीं। एक दिन आंगनबाड़ी केंद्र में उन्हें महतारी वंदन योजना की जानकारी मिली। उन्होंने वहीं से आवेदन किया और पात्रता पूरी होने के बाद उन्हें योजना का लाभ मिलना शुरू हो गया।
मधु कुजूर बताती हैं कि अब तक उन्हें योजना के तहत लगभग 25 हजार रुपये की राशि मिल चुकी है। यह राशि भले ही बहुत बड़ी न लगे, लेकिन उनके लिए यह आत्मनिर्भरता की एक नई शुरुआत बन गई है। अब वे घर के छोटे-मोटे खर्चों में हाथ बँटा रही हैं। वे मुस्कुराते हुए बताती हैं कि अब अपने मोबाइल का रिचार्ज भी खुद ही कर लेती हैं, जबकि पहले इसके लिए भी उन्हें अपने पति का इंतजार करना पड़ता था।
श्रीमती मधु कुजूर बताती हैं कि योजना से मिलने वाली यह सहायता राशि उनके लिए एक सहारा बन गई है। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और अब उन्हें यह एहसास होता है कि वे भी परिवार की जिम्मेदारियों में अपना योगदान दे सकती हैं। परिवार में उनकी भागीदारी और सम्मान भी पहले से अधिक हो गया है।
श्रीमती मधु कुजूर इस योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करती हैं। उनका कहना है कि महतारी वंदन योजना ने न केवल आर्थिक मदद दी है, बल्कि महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की नई ताकत भी दी।

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