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जमीन के पैसे बने खून की वजह, दो साल बाद खुला सनसनीखेज राज

  बचेली। आयतुपारा नेरली गांव की वह सर्द रात आज भी परिवार के लिए सिहरन छोड़ जाती है। 14 जनवरी 2024 की रात जब गांव में अचानक बिजली गुल हुई, तो...

 

बचेली। आयतुपारा नेरली गांव की वह सर्द रात आज भी परिवार के लिए सिहरन छोड़ जाती है। 14 जनवरी 2024 की रात जब गांव में अचानक बिजली गुल हुई, तो किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह अंधेरा एक परिवार के उजाले को हमेशा के लिए निगल लेगा।

खाट पर सोए बुजुर्ग बुधरू तेलाम की हत्या कर दी गई थी। दो वर्षों तक यह मामला ’अंधा कत्ल’ बना रहा, लेकिन अब पुलिस जांच में जो सच सामने आया, उसने रिश्तों की नींव को ही हिला दिया है।
जमीन अधिग्रहण की मुआवजा राशि का विवाद

पुलिस के अनुसार हत्या के पीछे जमीन अधिग्रहण की मुआवजा राशि का विवाद था। ग्राम नेरली की संयुक्त खाते की जमीन को एनएमडीसी लिमिटेड ने बैलाडिला से नगरनार क्षेत्र तक स्लरी पाइपलाइन और अन्य परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित किया था।

सितंबर 2023 में जारी मुआवजा राशि को लेकर तेलाम परिवार में मतभेद उभरने लगे। आरोप है कि पोते राकेश तेलाम ने खातेदारों को मृत दर्शाकर चेक प्राप्त किया और राशि अपने खाते में जमा कर ली।
दादा की हत्या की साजिश रच डाली

जब यह तथ्य दादा बुधरू और उनके बेटों को पता चला तो परिवार में तनाव बढ़ गया। पुलिस का कहना है कि कानूनी कार्रवाई और शेष मुआवजा राशि हाथ से निकलने के भय ने आरोपित को इस हद तक धकेल दिया कि उसने अपने ही दादा की हत्या की साजिश रच डाली।
सो रहे बुजुर्ग पर गुप्ती से वार कर दिया

घटना की रात उसने पहले बेटों के घरों के दरवाजे बंद किए, ट्रांसफार्मर से बिजली की सप्लाई काटी और फिर सो रहे बुजुर्ग पर गुप्ती से वार कर दिया। गांव में बुधरू तेलाम को एक शांत, सरल और परिवार को जोड़े रखने वाले बुजुर्ग के रूप में जाने जाते थे।

उनकी मौत ने न केवल एक परिवार को तोड़ा, बल्कि गांव के सामाजिक ताने-बाने को भी झकझोर दिया। दो साल बाद आरोपित की गिरफ्तारी ने अब न्याय की उम्मीद जगाई है।

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