रायपुर: सक्ती जिले स्थित वेदांता पावर प्लांट (Vedanta Power Plant Blast) में हुए बायलर हादसे के बाद मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया ह...
रायपुर: सक्ती जिले स्थित वेदांता पावर प्लांट (Vedanta Power Plant Blast) में हुए बायलर हादसे के बाद मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। इस हादसे में अब तक 25 श्रमिकों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लिया है।
NHRC ने जारी किया नोटिस
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस गंभीर घटना को लेकर राज्य के मुख्य सचिव (CS) और पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस जारी किया है। आयोग ने दोनों अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा है कि यदि मीडिया रिपोर्ट्स सही हैं, तो यह श्रमिकों के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।
मुआवजा और इलाज पर मांगी जानकारी
NHRC ने अपने नोटिस में मृतकों के स्वजनों और घायलों को दिए जा रहे मुआवजे की स्थिति पर जानकारी मांगी है। साथ ही हादसे में झुलसे 20 मजदूरों के इलाज और उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति की रिपोर्ट भी तलब की गई है। आयोग ने यह भी पूछा है कि हादसे के कारणों की जांच कहां तक पहुंची है और दोषियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
मुआवजा राशि की घोषणा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हादसे में मृत मजदूरों के स्वजनों को पांच लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा प्लांट प्रबंधन की ओर से मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये और घायलों को भी आर्थिक सहायता दी जा रही है।
जांच जारी, टीम मौके पर सक्रिय
इस मामले की जांच के लिए बिलासपुर संभागायुक्त को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिन्हें 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है। इसके साथ ही केंद्र सरकार की औद्योगिक सुरक्षा टीम भी मौके पर पहुंचकर हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

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