कोरबा: वन पट्टा आनलाइन करने और फौती नामांतरण के नाम पर ग्रामीणों एवं किसानों से खुलेआम रिश्वत मांगना सिर्री-पिपरिया को महंगा पड़ गया। ...
कोरबा:
वन पट्टा आनलाइन करने और फौती नामांतरण के नाम पर ग्रामीणों एवं किसानों
से खुलेआम रिश्वत मांगना सिर्री-पिपरिया को महंगा पड़ गया। इंटरनेट मीडिया
में प्रसारित वीडियो पर सख्त रुख अपनाते हुए पोड़ी उपरोड़ा एसडीएम ने
पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद राजस्व
विभाग में हड़कंप मच गया है।
मामला हल्का नंबर 10 सिर्री-पिपरिया
में पदस्थ पटवारी विनोद अग्रवाल से जुड़ा है। प्रसारित वीडियो में पटवारी
ग्रामीणों और किसानों से कथित रूप से पैसे लेते दिखाई दे रहे थे। वीडियो
सामने आने के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था। ग्रामीणों ने आरोप
लगाया कि वन पट्टा आनलाइन करने के नाम पर पांच हजार रुपये तथा फौती और
नामांतरण के लिए 10 हजार रुपये तक की कथित वसूली की जा रही थी।
पोड़ी
उपरोड़ा एसडीएम मनोज बंजारे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल
संज्ञान लिया और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के उल्लंघन के आधार
पर पटवारी विनोद अग्रवाल का निलंबन आदेश जारी कर दिया। आदेश के अनुसार
निलंबन अवधि में संबंधित पटवारी का मुख्यालय तहसील कार्यालय पसान निर्धारित
किया गया है। एसडीएम मनोज कुमार बंजारे ने स्पष्ट कहा कि राजस्व विभाग में
भ्रष्टाचार और इस प्रकार की कार्यशैली किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं
की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा
है तथा दोषियों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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