सौर सुजला योजना से किसानों को सिंचाई सुविधा, बिजली बिल और अतिरिक्त खर्च से मिली राहत सोलर पंप लगने से खेतों में पानी की उपलब्धता बढ़ी, ख...
सौर सुजला योजना से किसानों को सिंचाई सुविधा, बिजली बिल और अतिरिक्त खर्च से मिली राहत
सोलर पंप लगने से खेतों में पानी की उपलब्धता बढ़ी, खेती हुई आसान और किफायती
राज्य शासन की प्राथमिकता स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना
रायपुर । राज्य शासन की मंशा के अनुरूप प्रदेश में स्वच्छ, सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा
को बढ़ावा देने के लिए सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन
किया जा रहा है। किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने, खेती की लागत कम
करने और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की दिशा में सौर सुजला योजना एक
महत्वपूर्ण पहल बनकर सामने आई है। इस योजना से किसानों को न केवल सिंचाई के
लिए निर्बाध पानी मिल रहा है, बल्कि बिजली बिल और अतिरिक्त खर्च से भी
राहत मिल रही है।
इसी कड़ी में राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम मोखला के किसान श्री
डोमार साहू के लिए सौर सुजला योजना मददगार साबित हुई है। क्रेडा विभाग
द्वारा उनके खेत में सोलर पंप की स्थापना की गई है, जिससे अब उनके खेत में
सिंचाई के लिए पानी की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध हो गई है। किसान श्री डोमार
साहू ने बताया कि पहले सिंचाई सुविधा के अभाव में उन्हें खेती में काफी
कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था और वे दो फसल लेने में सक्षम नहीं थे।
सौर सुजला योजना के तहत सोलर पंप स्थापित होने के बाद उनकी यह समस्या दूर
हो गई है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत उन्हें 2 लाख 73 हजार रुपए
की सब्सिडी मिली, जबकि उन्हें केवल 15 हजार रुपए का अंशदान देना पड़ा।
करीब पौने तीन एकड़ कृषि भूमि वाले श्री साहू ने बताया कि यदि वे
बिजली विभाग से पंप के लिए विद्युत कनेक्शन लेते तो 9 से 10 विद्युत पोल
लगाने पड़ते और इसमें काफी समय व खर्च आता। सोलर पंप की जानकारी मिलने पर
उन्होंने क्रेडा विभाग से संपर्क किया और अपने खेत में सोलर पंप लगवाया।
उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई व्यवस्था उनके लिए किसी वरदान से
कम नहीं है। अब खेत की सिंचाई सुगमता से हो रही है और सबसे बड़ी राहत यह है
कि उन्हें बिजली बिल नहीं देना पड़ता। इससे खेती की लागत कम हुई है और
आर्थिक बचत भी हो रही है। राज्य शासन की प्राथमिकता किसानों को आधुनिक,
किफायती और पर्यावरण अनुकूल तकनीक उपलब्ध कराना है। सौर ऊर्जा आधारित
योजनाएं न केवल किसानों की आय और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में सहायक हैं,
बल्कि ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका
निभा रही हैं। सौर सुजला योजना के तहत सीमित समय तक भू-जल उपयोग की
व्यवस्था जल संरक्षण की दृष्टि से भी उपयोगी मानी जा रही है। श्री डोमार
साहू ने योजना से मिले लाभ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री श्री
नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया।
उन्होंने कहा कि सौर सुजला योजना से खेती आसान, किफायती और आत्मनिर्भर बनी
है तथा इससे किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।

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