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आयुष्मान योजना से मिली नई जिंदगी

  सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल नारायणपुर के सोमेश्वर को मिला मुफ़्त इलाज और आर्थिक संबल ​रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन की आयुष्मान भारत योज...

 

सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल नारायणपुर के सोमेश्वर को मिला मुफ़्त इलाज और आर्थिक संबल

​रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन की आयुष्मान भारत योजना आकस्मिक दुर्घटनाओं और गंभीर बीमारियों के समय गरीब व जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना की बदौलत नारायणपुर जिले के 24 वर्षीय युवा सोमेश्वर नुरेटी को न केवल समय पर सही इलाज मिला, बल्कि उनका पूरा उपचार पूरी तरह निःशुल्क संभव हो सका।

        ​बीती 4 सितंबर 2026 को सोमेश्वर नुरेटी एक भयानक मोटरसाइकिल दुर्घटना का शिकार हो गए थे। हादसे के तुरंत बाद जब उन्हें अस्पताल लाया गया, तब उनकी स्थिति बेहद चिंताजनक थी। वे अर्ध-बेहोशी और भ्रम की स्थिति में थे और ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे।     

       चिकित्सकीय परीक्षण करने पर पता चला कि उनकी पीठ पर गहरे घाव के साथ-साथ दाहिनी ओर की 9वीं व 10वीं पसली में फ्रैक्चर था। इसके अलावा रीढ़ की हड्डी के L1, L2 और L3 ट्रांसवर्स प्रोसेस में गंभीर चोट आने के कारण वे चलने-फिरने में भी पूरी तरह असमर्थ हो गए थे।

           ​अस्पताल में भर्ती होते ही ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. मनोज और उनकी समर्पित मेडिकल टीम ने सोमेश्वर के इलाज की कमान संभाली। विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में तुरंत होल एब्डोमेन यूएसजी, चेस्ट, स्पाइन और पेल्विस के एक्स-रे सहित तमाम जरूरी लैब जांचें कराई गईं। रीढ़ की हड्डी और पैर को सही सपोर्ट देने के लिए उन्हें टेलर ब्रेस और बी/के पीओपी स्लैब लगाया गया। दवाइयों और नियमित ड्रेसिंग के साथ-साथ डॉक्टरों ने फिजियोथेरेपी, डीप ब्रीदिंग और टो-एक्सरसाइज पर विशेष ध्यान दिया, जिससे उनके शरीर में तेजी से सुधार होने लगा।

         ​चिकित्सकों की दिन-रात की मेहनत और बेहतर नर्सिंग केयर का नतीजा यह रहा कि सोमेश्वर की हालत में आश्चर्यजनक सुधार आया। उनका असहनीय दर्द काफी हद तक कम हो गया और उनके सभी वाइटल्स पूरी तरह सामान्य हो गए। पूर्णतः सचेत और स्वस्थ स्थिति में आने के बाद 13 सितंबर 2026 को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
         ​सोमेश्वर के इस पूरे इलाज में आयुष्मान कार्ड योजना के तहत 15 हजार 180 रुपए की राशि स्वीकृत हुई। जांच, दवाइयों, विशेषज्ञ परामर्श से लेकर फिजियोथेरेपी तक की सभी सुविधाएं मरीज को बिना किसी आर्थिक बोझ के उपलब्ध कराई गईं। इस मुश्किल घड़ी में आयुष्मान भारत योजना सोमेश्वर और उनके परिवार के लिए एक मजबूत संबल बनकर उभरी, जिसने एक हंसते-खेलते युवा को असमय अपाहिज होने से बचा लिया।

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