Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

ब्रेकिंग

latest

जल संरक्षण में सूरजपुर का ऐतिहासिक प्रदर्शन- देश में चौथा और छत्तीसगढ़ में मिला पहला स्थान

  रायपुर। जल संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सफलता की अमिट छाप छोड़ी है। केंद्र...

 

रायपुर। जल संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सफलता की अमिट छाप छोड़ी है। केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के तीसरे चरण के तहत सूरजपुर ने देश भर में चौथा स्थान और राज्य में पहला स्थान प्राप्त कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
          नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में आयोजित जल शक्ति मंत्रालय के शिखर सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर मॉडल की जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में जल संरक्षण को केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित न रखकर इसे किसान, ग्राम पंचायत, जल सखी और जल मित्र के सहयोग से एक जनांदोलन का रूप दिया गया है।

’जल संरक्षण अभियान के प्रमुख आंकड़े’
         निर्मित संरचनाएं 5,429 (अमृत सरोवर, तालाब गहरीकरण, फार्म पॉन्ड, रिचार्ज पिट, कंटूर ट्रेंच और गेबियन चेक डैम) निर्मित की गई। इनकी जल भराव क्षमता 94.89 लाख घन मीटर है। इससे सिंचित रकबे में बढ़ोतरी 5,608.26 हेक्टेयर की हुई। सभी जल संरचनाओं की जियो-टैगिंग और नियमित समीक्षा की जा रही है।

’जनभागीदारी और प्रशासनिक प्रयास’
       कलेक्टर सूरजपुर श्रीमती रेना जमील ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि जल संरक्षण प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिले के ग्रामीणों और किसानों ने अपनी भूमि उपलब्ध कराकर और श्रमदान देकर इस अभियान को सफल बनाया है। जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि प्रधानमंत्री के कैच द रेन - जहां जल गिरे, वहीं सहेजें के संदेश को धरातल पर उतारते हुए पंचायत स्तर पर जल सुरक्षा और सिंचाई सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है, जिससे कृषि उत्पादन और ग्रामीण आजीविका में प्रत्यक्ष सुधार आ रहा है।

No comments