रायपुर । कभी आंखों के सामने धुंधलाता दृश्य, तो कभी रोजमर्रा के कामों में आती परेशानी... कृष्णा कहार के लिए यह सिर्फ आंखों की समस्या नहीं, ...
रायपुर । कभी आंखों के सामने धुंधलाता दृश्य, तो कभी रोजमर्रा के कामों में आती परेशानी... कृष्णा कहार के लिए यह सिर्फ आंखों की समस्या नहीं, बल्कि सामान्य जिंदगी की राह में खड़ी एक बड़ी चुनौती थी। परिवार परेशान था, लेकिन उम्मीद थी कि कहीं से कोई मदद मिलेगी। यही उम्मीद उस समय हकीकत में बदली, जब चिरायु टीम की स्वास्थ्य जांच ने कृष्णा की आंखों की समस्या को पहचाना और उन्हें समय पर जांच एवं उपचार की राह से जोड़ा। उपचार के बाद जब कृष्णा की दृष्टि में सुधार हुआ, तो परिवार के लिए यह महज स्वास्थ्य लाभ नहीं, बल्कि जिंदगी में लौटती सहजता और नई उम्मीद का एहसास था।
वार्ड क्रमांक 9 निवासी कृष्णा की समस्या की पहचान चिरायु टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान की। इसके बाद उन्हें आवश्यक जांच और चिकित्सकीय परामर्श के लिए स्वास्थ्य संस्था भेजा गया। जांच के आधार पर उपचार की प्रक्रिया आगे बढ़ी और चिरायु योजना के तहत मिले मार्गदर्शन से कृष्णा को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हुई। उपचार के बाद उनकी दृष्टि में सुधार आया और अब वे पहले की तुलना में दैनिक गतिविधियां अधिक सहजता से कर पा रहे हैं।
मां ने कहा समय पर मिली मदद से चिंता हुई दूर
कृष्णा की माता श्रीमती लक्ष्मी बाई कहार ने स्वास्थ्य विभाग और चिरायु टीम के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि बेटे की आंखों की परेशानी को लेकर परिवार चिंतित था। समय पर जांच और उपचार की सुविधा मिलने से बड़ी राहत मिली।
कृष्णा की कहानी इस बात की मिसाल है कि स्वास्थ्य समस्या की समय पर पहचान किसी व्यक्ति के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है। चिरायु योजना के तहत बच्चों एवं किशोरों में जन्मजात एवं गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान कर उन्हें आवश्यक जांच, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सेवा संकल्प की भावना से जुड़ी यह कहानी बताती है कि स्वास्थ्य सेवा का वास्तविक अर्थ तब सामने आता है, जब जरूरत के समय वह व्यक्ति तक पहुंचे। कृष्णा के लिए समय पर हुई जांच उपचार तक पहुंचने का जरिया बनी और उपचार ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को फिर आसान बना दिया।

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