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26 फर्मों के साथ सांठगांठ करने वाली कंपनी ब्लैक लिस्टेड, ठेकेदारों को फर्जी प्रमाण पत्र देने का मामला

  रायपुर। जल जीवन मिशन के कार्यों और निविदाओं में किए जाने वाले अनियमितता पर एक कंपनी को दो वर्षों के लिए ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। अप्र...


  रायपुर। जल जीवन मिशन के कार्यों और निविदाओं में किए जाने वाले अनियमितता पर एक कंपनी को दो वर्षों के लिए ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। अप्रैल-2023 में मल्टी विलेज योजनाओं के लिए आमंत्रित निविदाओं में 26 फर्मों के साथ सांठगांठ करके ज्वाइंट वेंचर देकर निविदाओं को प्रभावित करने के कारण भंडारा, महाराष्ट्र की कंपनी पर यह कार्रवाई की गई है। मेसर्स केके नायर एंड कंपनी को जल जीवन मिशन संचालक ने जल जीवन मिशन से संबंधित सभी कार्यों के लिए दो वर्ष के लिए ब्लैक लिस्ट किया है। मिशन संचालक आलोक कटियार ने बताया कि मिशन के अंतर्गत राज्य के 50.09 लाख ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 70 मल्टी विलेज योजना की निविदाएं आमंत्रित की गई थी। इन निविदाओं की पात्रता निर्धारण के दस्तावेज में पाया गया कि नागपुर की कंपनी ने तीनों ठेकेदारों को नौ निविदाओं में पात्र कराएं जाने की मंशा से वैध अनुभव प्रमाण पत्र दिए थे। इसके साथ ही कंपनी ने पांच ठेकेदारों को जल जीवन मिशन की मल्टी विलेज योजनाओं की 17 निविदाओं में ज्वाइंट वेंचर के रूप में अपूर्ण एवं अवैध अनुभव प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया था। प्रमाण-पत्रों की जांच में कंपनी के साथ पाचों ठेकेदारों को भी सभी निविदाओं के लिए अपात्र घोषित कर दिया गया है। जांच में यह पाया गया कि इस कूटरचना में कंपनी ने 26 फर्मों के साथ सांठ-गांठ की थी। मिशन संचालक ने बताया कि ठेकेदारों ने ज्वाइंट वेंचर बांटने का कार्य विशुद्ध रूप से केवल व्यवसायिक प्रयोजन के लिए किया, जिसके बाद नागपुर की कंपनी को नोटिस जारी किया गया। नोटिस के जवाब में केके नायर एंड कंपनी ने कोई संतुष्टिजनक जवाब नहीं दिया। विभाग ने जांच में पाया कि कंपनी द्वारा पेयजल उपलब्ध कराने में बाधा उत्पन्न करने के साथ ही ठेकेदारों को अवैध अनुभव प्रमाण पत्र बांटने का सुनियोजित षडयंत्र किया जाना स्थापित होता है। मिशन संचालक ने कहा कि जल जीवन मिशन के कार्यों में गुणवत्ता एवं निविदाओं में गड़बड़ी को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। ऐसे प्रकरणों में संबंधित ठेकेदारों के विरूद्ध लगातार कठोर कार्रवाई की जा रही है। पूर्व में मल्टी विलेज योजना की 12 निविदाओं में आठ फर्मों को फर्जी एवं कूटरचित अनुभव प्रमाण पत्र देकर ज्वाइंट वेंचर करने के कारण मेसर्स बंसल इंफ्रास्ट्रक्चर रायपुर को ब्लैक लिस्टेड किया गया था।

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