तकनीक, तत्परता और जनसहभागिता से सुरक्षित हो रहे कवर्धा के वन रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के कवर्धा परियोजना मंडल में वनों की ...
तकनीक, तत्परता और जनसहभागिता से सुरक्षित हो रहे कवर्धा के वन
उल्लेखनीय है कि वन विभाग द्वारा FMIS (फॉरेस्ट मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) के माध्यम से सभी मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों को जोड़ा गया है। जैसे ही किसी क्षेत्र मंय आग लगने की सूचना मिलती है, संबंधित कर्मचारियों को तत्काल अलर्ट प्राप्त होता है और वे बिना विलंब मौके पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण पा लेते हैं।
अग्नि सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए मानव संसाधन और उपकरणों को भी सुदृढ़ किया गया है। प्रत्येक बीट में अग्नि सुरक्षा श्रमिकों की तैनाती की गई है, जो लगातार सतर्क रहते हैं। फायर सीजन शुरू होने से पहले ही संवेदनशील क्षेत्रों में फायर लाइन तैयार कर ली गई है, जिससे आग के फैलाव को रोका जा सके। साथ ही, सभी परिक्षेत्रों में आधुनिक फायर ब्लोअर उपलब्ध कराए गए हैं, जो त्वरित नियंत्रण में सहायक साबित हो रहे हैं। सूचना के त्वरित आदान-प्रदान के लिए सोशल मीडिया समूह भी बनाए गए हैं, जहां आग से संबंधित सूचना तुरंत साझा की जाती है। इसके साथ ही, वन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को जागरूक कर उनकी सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे सामूहिक प्रयासों से बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।
अग्नि नियंत्रण के बाद की पूरी जानकारी विभागीय वेबसाइट पर दर्ज की जाती है, जिससे कार्यों में पारदर्शिता बनी रहती है। इन सभी प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। मार्च 2026 तक इस परियोजना मंडल में केवल 23 अग्नि प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें भी त्वरित कार्रवाई के चलते आग पर शीघ्र काबू पा लिया गया। इससे वन संपदा और वन्य जीवों को होने वाली संभावित क्षति को न्यूनतम किया जा सका है। इस प्रकार तकनीक, सजगता और जनसहभागिता के समन्वित प्रयासों से कवर्धा के वन अब अधिक सुरक्षित हो रहे हैं और यह पहल एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रही है।

No comments