बालोद। निरीक्षण के दौरान 'दूध गंगा' क्षेत्र में स्थिति चिंताजनक पाई गई। यहां नालियों का गंदा पानी बह रहा था और सफाई व्यवस्था पूरी ...
बालोद। निरीक्षण के दौरान 'दूध गंगा' क्षेत्र में स्थिति चिंताजनक पाई गई। यहां नालियों का गंदा पानी बह रहा था और सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई थी। एक मिठाई फैक्ट्री के भीतर नाली का गंदा पानी जाते देख कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताई। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कलेक्टर ने तत्काल 'दूध गंगा' को सील करने का निर्देश जारी कर दिया।
जिले में प्रशासनिक सख्ती का बड़ा उदाहरण उस वक्त देखने को मिला जब कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने गुरुवार सुबह शहर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी। बिना पूर्व सूचना के किए गए इस निरीक्षण से नगर पालिका और अन्य विभागों में हड़कंप मच गया।
अव्यवस्था देख कलेक्टर का पारा चढ़ गया
निरीक्षण की शुरुआत शहर की सफाई व्यवस्था से हुई, जहां कई स्थानों पर गंदगी और अव्यवस्था देख कलेक्टर का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर मौजूद नगर पालिका अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अवैध निर्माण पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश
इसके बाद कलेक्टर दिव्या मिश्रा पुराना बस स्टैंड स्थित कॉम्प्लेक्स पहुंची, जहां गलत तरीके से हो रहे निर्माण कार्य को लेकर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। पालिका प्रशासन को नियमों का पालन सुनिश्चित करने और अवैध निर्माण पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
शहर में बढ़ते अतिक्रमण को लेकर भी कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को चेतावनी
वहीं, बालोद-राजनांदगांव मुख्य मार्ग पर चल रहे सड़क सौंदर्यीकरण और चौड़ीकरण कार्य में हो रही देरी पर कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों में ढिलाई किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

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