रायपुर । सूरजपुर जिले में इन दिनों सुशासन तिहार 2026 केवल शासकीय शिविरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण परिवारों के जीवन में उम्मी...
रायपुर । सूरजपुर जिले में इन दिनों सुशासन तिहार 2026 केवल शासकीय शिविरों तक सीमित
नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण परिवारों के जीवन में उम्मीद, सम्मान और
सकारात्मक बदलाव की नई कहानी लिख रहा है। प्रशासन की त्वरित एवं संवेदनशील
कार्यवाही से जिले के 162 परिवारों को व्यक्तिगत शौचालय निर्माण हेतु
प्रशासकीय स्वीकृति मिली है, जिससे उनके घरों में स्वच्छता के साथ
आत्मसम्मान की नई रोशनी पहुंची है। कई ग्रामीण परिवार ऐसे थे, जो वर्षों से
शौचालय सुविधा के अभाव में कठिनाइयों का सामना कर रहे थे।विशेषकर महिलाओं,
बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह समस्या केवल असुविधा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य
और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय थी। लेकिन सुशासन तिहार के शिविरों में दिए
गए आवेदनों पर जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाई और कलेक्टर श्रीमती रेना
जमील के मार्गदर्शन में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत 162 पात्र
परिवारों को शीघ्र प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। यह पहल ग्रामीण जीवन
में गरिमा और स्वच्छता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बनकर
सामने आई है।
“अब घर में भी होगा सम्मान और सुविधा”
स्वीकृति मिलने के बाद ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कई
महिलाओं ने भावुक होकर कहा कि अब उन्हें खुले में शौच जाने की मजबूरी से
मुक्ति मिलेगी। बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी यह सुविधा राहत लेकर आएगी।
ग्रामीणों ने कहा कि पहली बार उन्हें महसूस हुआ कि प्रशासन उनकी समस्याओं
को गंभीरता से सुन रहा है और समय पर समाधान भी कर रहा है।
कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य आमजन
की समस्याओं का सम्मानपूर्वक और त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन केवल शौचालय निर्माण तक सीमित योजना
नहीं, बल्कि स्वस्थ और सम्मानजनक समाज निर्माण का अभियान है। उन्होंने
अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी स्वीकृत हितग्राहियों के शौचालय
निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा
जाए। जारी प्रशासकीय स्वीकृति के अनुसार जनपद पंचायत प्रतापपुर के 84
परिवारों को सबसे अधिक लाभ मिला है। इसके अलावा ओड़गी के 28, भैयाथान के 27,
सूरजपुर के 19 तथा रामानुजनगर के 2 परिवारों को योजना से जोड़ा गया है।
’सुशासन तिहार बना भरोसे और बदलाव का प्रतीक’
01 मई से 10 जून 2026 तक संचालित सुशासन तिहार 2026 जिले में जनकल्याण और
त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। गांव-गांव में आयोजित
शिविरों के जरिए पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाया जा
रहा है।व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की यह स्वीकृति केवल निर्माण कार्य नहीं,
बल्कि स्वच्छता, सुरक्षा, महिलाओं की गरिमा और बेहतर ग्रामीण जीवन की दिशा
में मजबूत पहल है।

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