रायपुर । दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं और किशोरियों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं अक्सर चुनौती बनी रहती हैं, लेकिन छत्तीसगढ़...
रायपुर
। दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं और किशोरियों के लिए
स्वास्थ्य सेवाएं अक्सर चुनौती बनी रहती हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में चल रहा
“सुशासन तिहार” अब इन इलाकों में उम्मीद की नई किरण बनकर उभर रहा है।
समाधान शिविरों के जरिए शासन न केवल लोगों की समस्याओं का निराकरण कर रहा
है, बल्कि बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं भी गांव-गांव तक पहुंचा रहा है।
इसी पहल के तहत कबीरधाम जिले के आकांक्षी विकासखंड बोड़ला में राज्य शासन
और नीति आयोग के संयुक्त तत्वावधान में “स्वस्थ नारी अभियान” शुरू किया
गया है। अभियान का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों में एनीमिया की समय पर
पहचान कर उपचार उपलब्ध कराना और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना
है।
सुशासन तिहार के समाधान शिविरों में महिलाओं और किशोरियों की
निःशुल्क एवं त्वरित हीमोग्लोबिन जांच की जा रही है। जांच के बाद जरूरत के
अनुसार उपचार, रेफरल, आयरन-फोलिक एसिड टेबलेट्स का वितरण तथा पोषण और
स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी सलाह भी दी जा रही है। 04 मई 2026 को झलमला से
शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक तीन स्वास्थ्य शिविर लगाए जा चुके हैं। इन
शिविरों में करीब 320 महिलाओं और किशोरियों की हीमोग्लोबिन जांच की गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने एनीमिया के लक्षण, बचाव और संतुलित आहार के
महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
डॉक्टरों ने महिलाओं को
आयरन-फोलिक एसिड टेबलेट्स का नियमित सेवन करने और स्वास्थ्य के प्रति सजग
रहने की सलाह दी। खास बात यह रही कि कई महिलाओं ने पहली बार अपनी
हीमोग्लोबिन जांच कराई, जिससे संभावित स्वास्थ्य समस्याओं की शुरुआती पहचान
संभव हो सकी। वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित
करने की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। “स्वस्थ नारी
अभियान” केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं और किशोरियों में
स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाकर उन्हें बेहतर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित भी
कर रहा है।

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