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काश फाउंडेशन की पहल: रक्त रोगों से पीड़ित बच्चों के लिए निःशुल्क HLA जांच एवं विशेषज्ञ परामर्श शिविर

  सिकल सेल, थैलेसीमिया एवं रक्त रोगों के लिए निःशुल्क कैंप का आयोजन राजनांदगांव में संजीवनी अस्पताल राजनांदगांव में निःशुल्क स्वास्थ् शिविर ...

 

सिकल सेल, थैलेसीमिया एवं रक्त रोगों के लिए निःशुल्क कैंप का आयोजन राजनांदगांव में संजीवनी अस्पताल राजनांदगांव में निःशुल्क स्वास्थ् शिविर आयोजित काश फाउंडेशन ने

DKMS इंडिया लैब और फोर्टिस हॉस्पिटल गुरूग्राम के साथ मिलकर 84 लोगों की निःशुल्क HLA जांच कराई इससे बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए मिलेगी डोनर मैच की जानकारी

राजनांदगांव । सिकल सेल, थैलेसीमिया, ल्यूकेमिया, एप्लास्टिक एनीमिया सहित विभिन्न रक्त संबंधी गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों के लिए काश फाउंडेशन द्वारा 28 जून 2026 को संजीवनी हॉस्पिटल, चिकली (राजनांदगांव) में निःशुल्क स्वास्थ्य एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर में फोर्टिस हॉस्पिटल गुरुग्राम के प्रसिद्ध रक्त रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास दुआ एवं डॉ. वैभव द्वारा मरीजों एवं उनके परिजनों को निःशुल्क परामर्श प्रदान किया गया। इस दौरान DKMS इंडिया के सहयोग से सिकल सेल एवं थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों, उनके भाई-बहन एवं माता-पिता की HLA जांच निःशुल्क की गई। इस जांच की सामान्य लागत लगभग 12 हजार रुपये होती है, जिसे शिविर में पूरी तरह निःशुल्क किया गया। जांच की रिपोर्ट लगभग 3 माह बाद प्राप्त होगी, जिससे बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त डोनर मैच की जानकारी मिल सकेगी। मैच मिलने पर बच्चों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट संभव हो सकता है और वे सामान्य स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ सकते हैं।

शिविर में कुल 84 लोगों के सैंपल एकत्र किए गए, वहीं लगभग 50 परिवारों ने अपने बच्चों का विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श कराया।

फोर्टिस हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार, कोल इंडिया एवं प्रधानमंत्री फंड जैसी योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट आसानी से कराया जा सकता है। इसके लिए बीमारी के प्रति जागरूकता, समय पर जांच और आवश्यकता अनुसार सही समय पर रक्त चढ़ाना बेहद महत्वपूर्ण है।

काश फाउंडेशन पिछले 15 वर्षों से थैलेसीमिया एवं सिकल सेल से पीड़ित बच्चों के लिए लगातार कार्य कर रहा है और प्रतिवर्ष 4 से 5 बार निःशुल्क HLA जांच एवं परामर्श शिविर आयोजित करता है।

काश फाउंडेशन की काजल सचदेव ने बताया कि थैलेसीमिया एवं सिकल सेल से पीड़ित बच्चों के लिए स्थायी उपचार का एकमात्र विकल्प बोन मैरो ट्रांसप्लांट है, जिससे बच्चों को बार-बार रक्त चढ़ाने की आवश्यकता समाप्त हो सकती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में यह बीमारी काफी संख्या में पाई जाती है, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण कई परिवार समय पर उपचार तक नहीं पहुंच पाते।

इस अवसर पर संजीवनी हॉस्पिटल चिकली के डायरेक्टर डॉ. राघव वर्मा ने घोषणा की कि अस्पताल द्वारा जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क रक्त चढ़ाने एवं आवश्यक जांच में सहयोग प्रदान किया जाएगा।

शिविर के सफल आयोजन में शामिल सुरेश सचदेव, संदीप कुकरेजा एवं रत्ना माणिकपुरी ने डॉ. राघव वर्मा एवं डॉ. अशना का आभार व्यक्त किया।

इस तरह के शिविर रक्त रोगों से जूझ रहे बच्चों एवं परिवारों के लिए नई उम्मीद और बेहतर उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहे हैं।

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