रायपुर । मुख्य सचिव श्री विकासशील ने एसएलबीसी के बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को...
रायपुर
। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने एसएलबीसी के बैंक अधिकारियों को निर्देश
दिए है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को उनके हिस्से
की राशि के लिए ऋण देने की प्रक्रिया का सरलीकरण करें, जिससे हितग्राही
आवास शीघ्रता से बना सकें। मुख्य सचिव ने नगरीय-प्रशासन विभाग के
अधिकारियों को भी निर्देश दिए है कि प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के
अंतर्गत जिन हितग्राहियों को आवास स्वीकृत हुए हैं, उनके लिए एक विशेष
शिविर लगाकर बैंकर्स से ऋण दिलवाये। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना
के तहत केन्द्रांश एवं राज्यांश की राशि हितग्राहियों को दी जाती है।
मुख्य
सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के
अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न
हुई। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण
(बीएलसी) घटक के अंतर्गत परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए विस्तार से
विचार-विमर्श हुआ। इसी तरह से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के घटक
भागीदारी में किफायती आवास निर्माण के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं में भारत
सरकार के एमआईएस पोर्टल पर दर्ज हितग्राहियों की प्रविष्टी में आवश्यक
संशोधन की स्वीकृति के संबंध में भी विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में
अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को आवास निर्माण
हेतु भौतिक प्रगति अनुसार केन्द्रांश राशि एक लाख 50 हजार रूपए तथा
अनिवार्य राज्यांश की राशि एक लाख रूपए दी जाती है। हितग्राही द्वारा
निर्धारित समयावधि में आवास पूर्ण करते हुए गृह प्रवेश करने पर राज्य शासन
द्वारा मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के अंतर्गत प्रति आवास 32 हजार
850 रूपए पृथक से हितग्राही के खाते में हस्तांतरित की जायेगी। प्रति आवास
डीपीआर और पीएमसी शुल्क की राशि 6 हजार 150 रूपए राज्य शासन द्वारा दिया
जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के
लाभार्थी आधारित निर्माण घटक अंतर्गत 10 हजार 549 हितग्राही हेतु नवीन आवास
निर्माण के लिए केन्द्रांश राशि 158 करोड़ 23 लाख 50 हजार रूपए तथा
राज्यांश 146 करोड़ 63 लाख 11 हजार रूपए एवं हितग्राही अंशदान राशि 105 करोड़
49 लाख शामिल करते हुए 144 नगरीय निकायों में 410 करोड़ 35 लाख 61 हजार
रूपए की लागत की 114 परियोजनाओं को स्वीकृत करने हेतु प्रस्तावित किया गया
है। जिस पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव
श्रीमती आर.शंगीता, आयुक्त नगर तथा ग्राम निवेश श्री अवनीश कुमार शरण,
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव सुश्री ईफ्फत आरा सहित वित्त,
आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, गृह निर्माण मंडल, हुडको एवं
राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के संयोजक शामिल हुए।

No comments