पश्चिम बंगाल के कौस्तुव कुंडू बने विजेता, छत्तीसगढ़ के यशद बम्बेश्वर द्वितीय और महाराष्ट्र के केदार ओंकार तृतीय स्थान पर 12 राज्यों के 164...
पश्चिम बंगाल के कौस्तुव कुंडू बने विजेता, छत्तीसगढ़ के यशद बम्बेश्वर द्वितीय और महाराष्ट्र के केदार ओंकार तृतीय स्थान पर
12 राज्यों के 164 खिलाडि़यों ने लिया हिस्सा, विभिन्न आयु एवं श्रेणियों में खिलाडि़यों ने दिखाया दमखम
शतरंज संयम, एकाग्रता और अनुशासन की सीख देता है: विधायक श्रीमती रायमुनी भगत
रायपुर। जशपुर में पहली बार आयोजित ‘चेकमेट एट जशपुरदृअखिल भारतीय ओपन फिडे रेटेड शतरंज प्रतियोगिता 2026’ का सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रतियोगिता में पश्चिम बंगाल के कौस्तुव कुंडू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल विजेता का खिताब अपने नाम किया। छत्तीसगढ़ के यशद बम्बेश्वर ने दूसरा तथा महाराष्ट्र के केदार ओंकार ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
पुरानी टोली स्थित कम्युनिटी हॉल में 29 अगस्त से 1 सितंबर तक आयोजित इस चार दिवसीय प्रतियोगिता में देश के 12 राज्यों से 164 खिलाडि़यों ने हिस्सा लिया। खिलाडि़यों ने अपनी रणनीतिक क्षमता, एकाग्रता और उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता को रोमांचक बनाया।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि विधायक श्रीमती रायमुनी भगत सहित अन्य अतिथियों ने विभिन्न आयु वर्ग एवं श्रेणियों के विजेता और उपविजेता खिलाडि़यों को ट्रॉफी एवं पुरस्कार राशि के चेक प्रदान कर सम्मानित किया। प्रतियोगिता का आयोजन जिला प्रशासन, खेल विभाग एवं जशपुर जिला शतरंज संघ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
शतरंज जीवन में संयम और अनुशासन की सीख देता है: विधायक श्रीमती रायमुनी भगत
विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, खेल विभाग एवं शतरंज संघ को बधाई दी। उन्होंने सभी खिलाडि़यों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि शतरंज केवल मनोरंजन का खेल नहीं है, बल्कि यह संयम, एकाग्रता, अनुशासन और बुद्धिकौशल विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली कठिन परिस्थितियों का सामना बुद्धिकौशल, अनुशासन और संयम के साथ करते हुए समय की कद्र करने वाला व्यक्ति सफलता की ओर आगे बढ़ता है। शतरंज का खेल भी हमें यही महत्वपूर्ण सीख देता है।
विभिन्न आयु एवं श्रेणियों में खिलाडि़यों ने जीते पुरस्कार
प्रतियोगिता के विभिन्न वर्गों में खिलाडि़यों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सीनियर सिटीजन वर्ग में जवाहरलाल गुप्ता विजेता और सेनगुप्ता दीपांकर उपविजेता रहे।
सरगुजा डिवीजन महिला वर्ग में सिन्हा कशिश ने प्रथम और श्वेता रानी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सरगुजा डिवीजन पुरुष वर्ग में रुद्राक्ष सिंह विजेता और यशवंत सिंह उपविजेता रहे।
जशपुर महिला वर्ग में हेमलता प्रजापति ने प्रथम तथा प्रेमलता साहू ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। जशपुर पुरुष वर्ग में एलान लकड़ा प्रथम और श्याम सिंह द्वितीय रहे।
30 वर्ष से अधिक महिला वर्ग में आरती पावले प्रथम तथा लक्ष्मी शुक्ला द्वितीय रहीं। अंडर-15 वर्ग में ईशान सैनी प्रथम और गर्व केरकेट्टा द्वितीय रहे। अंडर-13 वर्ग में शिल्प कुमार घोड़ेश्वर ने प्रथम तथा विराट यादव ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
अंडर-11 वर्ग में वी. विराट अय्यर प्रथम और कुशाग्र दीक्षित द्वितीय रहे। अंडर-09 वर्ग में आद्विक भूषण प्रथम तथा हृदान मावलंकर द्वितीय रहे।
महिला खिलाडि़यों की विभिन्न श्रेणियों में एफ-15$ वर्ग में प्राची यादव प्रथम और भगत कोमल द्वितीय रहीं। एफ-15 वर्ग में अभिश्री वत्स ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। एफ-13 वर्ग में नैना भगत प्रथम रहीं। एफ-11 वर्ग में सावी गौरी प्रथम तथा अनिका रेड्डी गोलुगुरी द्वितीय रहीं। एफ-09 वर्ग में परीक्षिता दुबे प्रथम तथा श्रीनिका रेड्डी गोलुगुरी द्वितीय रहीं।
अखिल भारतीय स्तर की इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन से जशपुर में शतरंज खेल को नई पहचान मिली है। प्रतियोगिता ने स्थानीय खिलाडि़यों को देशभर से आए प्रतिभाशाली खिलाडि़यों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर देने के साथ जिले में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत, कलेक्टर श्री रोहित व्यास सहित खिलाड़ी, शतरंज प्रेमी एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।

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